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Maa Sherawali

मां शेरावाली को मां दुर्गा के नाम से भी जाना जाता है। शेर मां दुर्गा का ‘वाहन’ या वाहन है। पशु मां दुर्गा की शक्ति का भी प्रतिनिधित्व करता है। डॉन, तिब्बती विद्या में एक पवित्र बाघ है, और बाद में इसे हिंदू धर्म में पेश किए जाने के बाद गोडन के रूप में जाना जाता था। हिंदू धर्म में, देवी दुर्गा को उनकी जीत के लिए एक पर्वत के रूप में सेवा करने के लिए देवताओं द्वारा बाघ के गोदान की पेशकश की गई थी। देवी दुर्गा के दस हाथों में एक शंख, चर्चा, कमल, तलवार, तीर के साथ धनुष, त्रिशूल, गदा, वज्र, सर्प और ज्वाला है। माँ दुर्गा इन दस शक्तिशाली हथियारों को लेकर बुराई के खिलाफ लड़ाई में जाने के लिए सभी जानवरों के राजा शेर पर बैठती हैं।

Top 10 Maa Sherawali Ke bhajan Lyrics | माँ शेरावाली भजन लिरिक्स

  1. Main Balak Tu Mata Sherawaliye
  2. Aa Maa Aa Tujhe Dil Ne Pukara
  3. Bhor Bhai Din Chad Gaya Meri Ambe
  4. Suno Suno Ek Kahani Suno
  5. Aaja Maa Tainu Akhiyan Udeek Diyaan
  6. Beta Jo Bulaye Maa Ko Aana Chahiye
  7. Sun Le Pukar Ma Sherawaliye
  8. Man Leke Aaya Mata Rani
  9. O Kanjaka Jara Hoke Dayal
  10. Ambe O Jagdambe Mata

1. Main Balak Tu Mata Sherawaliye मैं बालक तू माता शेरावालिए

मैं बालक तू माता शेरावालिए,
है अटूट ये नाता शेरावालिए,
शेरा वालिए माँ, पहाड़ा वालिए माँ,
मेहरा वालिए माँ, ज्योतां वालिए माँ ।
मैं बालक तू माता शेरावालिए,
है अटूट ये नाता शेरावालिए ।

तेरी ममता मिली है मुझको,
तेरा प्यार मिला है,
तेरे आँचल की छाया में,
मन का फूल खिला है ।
तुने बुद्धि, तुने साहस,
तुने बुद्धि, तुने साहस,
तुने ज्ञान दिया,
मस्तक ऊँचा करके,
जीने के वरदान दिया माँ ।
तू है भाग्य विधाता शेरावालिए,
मैं बालक तू माता शेरावालिए,
शेरा वालिए माँ, पहाड़ा वालिए माँ,
मेहरा वालिए माँ, ज्योतां वालिए माँ ।
मैं बालक तू माता शेरावालिए,
है अटूट ये नाता शेरावालिए ।

जब से दो नैनो में तेरी,
पावन ज्योत समायी,
मंदिर मंदिर तेरी मूरत,
देने लगी दिखाई ।
ऊँचे पर्वत पर मैंने भी,
ऊँचे पर्वत पर मैंने भी,
डाल दिया है डेरा,
निशदिन करे जो तेरी सेवा,
मैं वो दास हूँ तेरा ।
रहूँ तेरे गुण गाता शेरावालिए,
मैं बालक तू माता शेरावालिए,
शेरा वालिए माँ, पहाड़ा वालिए माँ,
मेहरा वालिए माँ, ज्योतां वालिए माँ ।

मैं बालक तू माता शेरावालिए,
है अटूट ये नाता शेरावालिए,
शेरा वालिए माँ, पहाड़ा वालिए माँ,
मेहरा वालिए माँ, ज्योतां वालिए माँ ।
मैं बालक तू माता शेरावालिए,
है अटूट ये नाता शेरावालिए ।

2. Aa Maa Aa Tujhe Dil Ne Pukara आ मां आ तुझे दिल ने पुकारा

आ मां आ तुझे दिल ने पुकारा,
दिल ने पुकारा,
तू है मेरा सहारा माँ,
शेरावाली, जोतावाली,
मेहरावाली माँ,
आ मां आ तुझे दिल ने पुकारा ।

प्रेम से बोलो, जय माता दी,
सारे बोलो, जय माता दी,
मिल के बोलो, जय माता दी,
फिर से बोलो, जय माता दी ।

मैंने मन से तेरी पूजा
की है सांझ सवेरे,
मुझ को दर्शन दे के मैया
भाग जगा दे मेरे,
मैया मैया बोले मेरा
मन एक तारा माँ,
आ मां आ तुझे दिल ने पुकारा ।

तूने ही पाला है मुझको
तू ही मुझे संभाले,
तूने ही मेरे जीवन मे,
पल पल किये उजाले,
चरणों मे तेरे मैंने
तन मन वारा माँ,
आ मां आ तुझे दिल ने पुकारा ।

मान ले मेरी विनती मैया
एक झलक दिखला दे,
रूप की शीतल किरणों से
नयनो के द्वार सजा दे,
नो को रूप तेरा
लगता है प्यारा माँ,
आ मां आ तुझे दिल ने पुकारा ।

जय माता दी, जय माता दी,
कष्ट निवारे, शेरो वाली,
पार लगादे, शेरो वाली,
है दुःख हरनी, शेरो वाली,
बिगड़ी बना दे, शेरो वाली ।

प्रेम से बोलो, जय माता दी,
सारे बोलो, जय माता दी,
जोर से बोलो, जय माता दी ।

आ मां आ तुझे दिल ने पुकारा,
दिल ने पुकारा,
तू है मेरा सहारा माँ,
शेरावाली, जोतावाली,
मेहरावाली माँ,
आ मां आ तुझे दिल ने पुकारा ।

3. Bhor Bhai Din Chad Gaya Meri Ambe भोर भई दिन चढ़ गया मेरी अंबे

भोर भई दिन चढ़ गया मेरी अंबे,
भोर भई दिन चढ़ गया मेरी अंबे,
हो रही जय जय कार मंदिर विच
आरती जय माँ,
हे दरबारा वाली आरती जय माँ,
ओ पहाड़ा वाली आरती जय माँ ।

काहे दी मैया तेरी आरती बनावा,
काहे दी मैया तेरी आरती बनावा,
काहे दी पावां विच बाती,
मंदिर विच आरती जय माँ,
सुहे चोलेयाँ वाली आरती जय माँ,
हे माँ पहाड़ा वाली आरती जय माँ ।

सर्व सोने दी तेरी आरती बनावा,
सर्व सोने दी तेरी आरती बनावा,
अगर कपूर पावां बाती,
मंदिर विच आरती जय माँ,
हे माँ पिंडी रानी आरती जय माँ,
हे पहाड़ा वाली आरती जय माँ ।

कौन सुहागन दिवा बालेया मेरी मैया,
कौन सुहागन दिवा बालेया मेरी मैया,
कौन जागेगा सारी रात,
मंदिर विच आरती जय माँ,
सच्चिया ज्योता वाली आरती जय माँ,
हे पहाड़ा वाली आरती जय माँ ।

सर्व सुहागिन दिवा बलिया मेरी अंबे,
सर्व सुहागिन दिवा बलिया मेरी अंबे,
ज्योत जागेगी सारी रात,
मंदिर विच आरती जय माँ,
हे माँ त्रिकुटा रानी आरती जय माँ,
हे पहाड़ा वाली आरती जय माँ ।

जुग जुग जीवे तेरा जम्मुए दा राजा,
जुग जुग जीवे तेरा जम्मुए दा राजा,
जिस तेरा भवन बनाया,
मंदिर विच आरती जय माँ,
हे मेरी अंबे रानी आरती जय माँ,
हे पहाड़ा वाली आरती जय माँ ।

सिमर चरण तेरा ध्यानु यश गावे,
जो ध्यावे सो, यो फल पावे,
रख बाणे दी लाज,
मंदिर विच आरती जय माँ,
सोहनेया मंदिरा वाली आरती जय माँ ।

भोर भई दिन चढ़ गया मेरी अंबे,
भोर भई दिन चढ़ गया मेरी अंबे,
हो रही जय जय कार मंदिर विच
आरती जय माँ,
हे दरबारा वाली आरती जय माँ,
ओ पहाड़ा वाली आरती जय माँ ।

4. Suno Suno Ek Kahani Suno सुनो सुनो एक कहानी सुनो

सुनो सुनो, सुनो सुनो
सुनो सुनो एक कहानी सुनो,
सुनो सुनो एक कहानी सुनो,

ना राजा की ना रानी की,
ना आग हवा ना पानी की,
ना कृष्णा की ना राधा रानी की,
दूध छलकता है आँचल से हो ओ ओ,
दूध छलकता है आँचल से,
आँख से बरसे पानी,
माँ की ममता की है ये कहानी,
सुनो सुनो एक कहानी सुनो ।

एक भक्त जो दिन हिन था,
कटरे में रहता था,
माँ के गुण गाता था,
माँ के चरण सदा कहता था,

सुनो सुनो, सुनो सुनो

एक बार भैरव ने उससे कहा की कल आएंगे,
कई साधुओ सहित तुम्हारे घर खाना खाएंगे,
माँ के भक्त ने सोचा कैसे उनका आदर होगा,
बिन भोजन के साधुजनों का बड़ा निरादर होगा ।

सुनो सुनो, सुनो सुनो

माता से विनती की उसने अन्न कहाँ से लाऊँ,
मैं तो खुद भूखा हूँ भोजन कैसे उन्हें खिलाऊँ,
माँ ने कहा तू चिंता मत कर कल तु उन्हें बुलाना,
उनके साथ ये सारा गाँव खाएगा तेरा खाना,

सुनो सुनो, सुनो सुनो

नमन किया उसने माता को आ गया घर बेचारा,
दूजे दिन देखा क्या उसने भरा है सब भंडारा ।

सुनो सुनो, सुनो सुनो

उस भैरव ने जिसने ये सारा षडयंत्र रचाया,
कई साधुओ सहित जीमने घर उसके वो आया,
अति शुद्ध भोजन को देख के बोला माँस खिलाओ,
जाओ हमारे लिए कहीं से मदिरा ले कर आओ,

सुनो सुनो, सुनो सुनो

आग बबूला हो गया जब उसने देखा भंडारा,
क्रोध से भरके जोर से उसने माता को ललकारा,
माँ आई तो उसने कस के माँ के हाथ को पकड़ा,
हाथ छुड़ा कर भागी माता देख रहा था कटरा ।

अपनी रक्षा के खातिर एक चमत्कार दिखलाया,
वो अस्थान छुपी जहा माता गरबजून कहलाया,
नो मास का छुपकर माँ ने वही समय गुजारा,
समय हुआ पूरा तब माँ ने भैरव को संहारा,
धड़ से सर को जुदा किया थी ज्वाला माँ के अंदर,
जहा गिरा सर भैरब का वहां बना है भैरव मंदिर,

सुनो सुनो, सुनो सुनो

अपरम्पार है माँ की महिमा जो कटरे में आये,
माँ के दर्शन करके फिर भैरव के मंदिर जाए ।

सुनो सुनो सुनो सुनो,
सुनो सुनो सुनो सुनो,
सुनो सुनो एक कहानी सुनो ।

सुनो सुनो, सुनो सुनो
सुनो सुनो एक कहानी सुनो,
ना राजा की ना रानी की,
ना आग हवा ना पानी की,
ना कृष्णा की ना राधा रानी की,
दूध छलकता है आँचल से हो ओ ओ,
दूध छलकता है आँचल से,
आँख से बरसे पानी,
माँ की ममता की है ये कहानी,
सुनो सुनो एक कहानी सुनो ।

5. Aaja Maa Tainu Akhiyan Udeek Diyaan आजा मा तेनू अखियाँ उड़ीक दिया

आजा मा तेनू अखियाँ उड़ीक दिया
उड़ीक दिया दिल वजा मर्दा
आजा मा तेनू अखियाँ उड़ीक दिया
तेरे बिना कौन तेरे लाल को संभाले मा
तेरे बिना कौन तेरे लाल को संभाले मा
आके एक बार मुझे गले से लगा ले मा
आके एक बार मुझे गले से लगा ले मा
दुख इंतजार दा दुख नही सहर दा

अखियाँ उड़ीक दिया
दिल वजा मर्दा
आजा मा तेनू अखियाँ उड़ीक दिया

दरस दिखा के मेरे सारे दुख ताल दे
दरस दिखा के मेरे सारे दुख ताल दे
भिच्च्छा दया की मेरी झोली में डाल दे
भिच्च्छा दया की मेरी झोली में डाल दे
प्यासा हूँ प्यार दा तेरे दीदार दा

अखियाँ उड़ीक दिया
दिल वजा मर्दा
आजा मा तेनू अखियाँ उड़ीक दिया

6. Beta Jo Bulaye Maa Ko Aana Chahiye बेटा जो बुलाए माँ को आना चाहिए

मैया जी के चरणों मे ठिकाना चाहिए।
बेटा जो बुलाए माँ को आना चाहिए॥

सुन लो ऐ माँ के प्यारो, तुम प्रेम से पुकारो।
आएगी शेरा वाली, जगदम्बे मेहरावाली॥
वो देर ना करेगी, झोली सदा भरेगी।
पूरी करेगी आशा, मिट जायेगी निराशा॥
बिगड़े कर्म सवारे, भव से वो सब को तारे।
श्रद्धा और प्रेम से ध्याना चाहिए,
बेटा जो बुलाए माँ को आना चाहिए॥

अकबर ने आजमाया, ध्यानु ने था बुलाया।
हे राजरानी आओ, अम्बे भवानी आओ॥
जाए ना लाज मेरी, सुन लो आवाज मेरी।
दरबार देखता है, संसार देखता है॥
घोडे़ का सिर कटा है, मेरा भी सिर झुका है।
गरूर अभिमानी का मिटाना चाहिए,
बेटा जो बुलाए, माँ को आना चाहिए॥

विनती सुनो हमारी, ए मैया ऐ कंवारी।
तेरे दर पे है सवाली, जाना नहीं है खाली॥
बैठे है डेरा डाले, तेरे भक्त भोले भाले।
तेरे नाम के दीवाने, आए है जा लुटाने॥
मैया दीदार दे दो, बच्चो को प्यार दे दो।
हीरे मोतियों का ना खजाना चाहिए,
बेटा जो बुलाए, माँ को आना चाहिए॥

तिरलोक चंद राजा, था भक्त वो भी माँ का।
जो बंदगी बिछायी संग खेले महामाई॥
देखा जो बूंद पानी, कहने लगा भवानी।
पानी कहाँ से आया, कैसी रचाई माया॥
कैसा यह माजरा है, मेरा तो दिल डरा है॥
माँ इसका राज़ खोलो, अब कुछ तो मुह से बोलो।
कहने लगी भवानी, ऐ मूल अज्ञानी॥
मुझ को ना आजमाओ, पानी को भूल जाओ।
जिद्द ना करो ऐ राजा, कुछ तो डरो ऐ राजा॥
बोला वो अभिमानी, मैंने भी मन मे ठानी।
के राज़ जान लूँगा, हर बात मान लूँगा॥
तब मैया बोली, राजा ना भूल जाना वादा।
सच सच तो मै कहूँगी, फिर पास ना रहूंगी॥
सागर मे डोले नैया, मेरा भक्त बोले मैया।
हर दम तुझे ध्याऊं, फिर भी मै डूब जाऊं॥
कश्ती बचाओ माता, श्रद्धा दिखाओ माता।
मै उसकी भी तो माँ थी, यहाँ भी थी वहां भी॥
चंचल सूना कहानी, गायब हुई भवानी।
पचता रहा था राजा, चिल्ला रहा था राजा॥
शक्ति को ना कभी आजमाना चाहिए।
बेटा जो बुलाए माँ को आना चाहिए॥

7. Sun Le Pukar Ma Sherawaliye सुन ले पुकार माँ शेरावालिए

सुन ले पुकार माँ शेरावालिए
सुन ले पुकार माँ झण्डेवालिये
आ जाओ गुफा से बहार,माँ झण्डेवालिये
द्वार पर खड़े है तेरे सवाली
कृपा कर दे माँ झंडेवाली
टूट ना जाए इनकी आस
भुजादो माँ अखियों की प्यास
आके दर्शन दे दो माता
कोई नहीं इनको सुहाता
सुन ले पुकार माँ शेरावालिए
सुन ले पुकार माँ झण्डेवालिये

आ जाओ गुफा से बाहर,
माँ झण्डेवालिये
इक तेरा ही आसरा माँ
ना दूजा सहारा है
मैया सबतो प्यारा तेरा द्वारा है
सुन ले पुकार माँ शेरावालिए
सुन ले पुकार माँ झण्डेवालिये
ए गए ने हार शेरावालिए
सुन ले पुकार माँ शेरावालिए
सुन ले पुकार माँ झण्डेवालिये

8. Man Leke Aaya Mata Rani मन लेके आया माता रानी

मन लेके आया
माता रानी के भवन में,
बड़ा सुख पाया,
बड़ा सुख पाया,
माता रानी के भवन में,
मन लेके आया
माता रानी के भवन में ।

जय जय माँ, अम्बे माँ
जय जय माँ, जगदम्बे माँ
जय जय माँ, अम्बे माँ
जय जय माँ, जगदम्बे माँ

मैं जानू वैष्णव माता,
तेरे ऊँचे भवन की माया,
भैरव पर क्रोध में आके,
माँ तूने त्रिशूल उठाया ।
वो पर्वत जहां पे तूने,
शक्ति का रूप दिखाया,
भक्तो ने वही पे मैया,
तेरे नाम का भवन बनाया ।
बड़ा सुख पाया,
बड़ा सुख पाया,
माता रानी के भवन में,
मन लेके आया
माता रानी के भवन में ।

जय जय माँ, अम्बे माँ
जय जय माँ, जगदम्बे माँ

तेरे तेज ने ज्वाला मैया,
जब उजियारा फैलाया,
शाह अकबर नंगे पैरों,
तेरे दरबार में आया ।
तेरी जगमग ज्योत के आगे,
श्रद्धा से शीश झुकाया,
तेरे भवन की शोभा देखी,
सोने का क्षत्र चढ़ाया ।
बड़ा सुख पाया,
बड़ा सुख पाया,
माता रानी के भवन में,
मन लेके आया
माता रानी के भवन में ।

जय जय माँ, अम्बे माँ
जय जय माँ, जगदम्बे माँ

हे चिंतपूर्णी माता,
तेरी महिमा सबसे न्यारी,
दिए भाईदास को दर्शन,
तू भक्तो की है प्यारी ।
जो करे माँ तेरा चिंतन,
तू चिंता हर दे सारी,
तेरे भवन से झोली भरके,
जाते हैं सभी पुजारी ।
बड़ा सुख पाया,
बड़ा सुख पाया,
माता रानी के भवन में,
मन लेके आया
माता रानी के भवन में ।

जय जय माँ, अम्बे माँ
जय जय माँ, जगदम्बे माँ

माँ नैना देवी तूने,
यह नाम भगत से पाया,
नैना गुज्जर को तूने,
सपने में दरश दिखाया ।
आदेश पे तेरे उसने,
तेरा मंदिर बनवाया,
जीवन भर बैठ भवन में,
माँ तेरा ही गुण गया ।
बड़ा सुख पाया,
बड़ा सुख पाया,
माता रानी के भवन में ।

मन लेके आया
माता रानी के भवन में,
बड़ा सुख पाया,
बड़ा सुख पाया,
माता रानी के भवन में,
मन लेके आया
माता रानी के भवन में ।

जय जय माँ, अम्बे माँ
जय जय माँ, जगदम्बे माँ
जय जय माँ, अम्बे माँ
जय जय माँ, जगदम्बे माँ

9. O Kanjaka Jara Hoke Dayal ओ कंजका हो के दयाल

ओ कंजका हो के दयाल हमे माँ से मिला दे,
तुझे पहनायेगे चूड़ियां लाल हमें माँ से मिलादे,

रोज माँ के चरणों में तेरा आना जाना है,
हमें भी सिखादे कैसे दाती को रिझाना है,
तूने पाया है उसको कैसे कर साधना,
हमें भी बता दे माँ को पाने की आराधना,
हम सब का है बस एक सवाल,
हमे माँ से मिला दे,
ओ कंजका हो के दयाल हमे माँ से मिला दे,

स्वर्ग जैसे भवनों में ले चल साथ तू जन्म जन्म की बिगड़ी बना दी बात तू,
भूले गये न कभी हम तेरे उपकार को,
आंखे कब से तरस ती महामाई के दीदार को,
हाथ जोड़ खड़े है कर ले ख्याल,
हमे माँ से मिला दे,
ओ कंजका हो के दयाल हमे माँ से मिला दे,

बड़ी ही प्यारी पोडियां मियां के द्वार की,
लगी है निगाहे सारे संसार की,
वहा पे जाके हम ने तो लगा लेना डेरा है,
हम को वहा पहुंचना काम तेरा है,
भेटे सुनके होना है निहाल,
हमे माँ से मिला दे,
ओ कंजका हो के दयाल हमे माँ से मिला दे

10. Jai Ambe Jagdambe Mata जय अम्बे जगदम्बे माता

जग की रचना रचना वाली तेरे हाथ हज़ार,
इस भाव सागर में है तेरे नाम से बेडा पार।
मनमे पाप कपट को लेकर बंद शीश झुकाए,
फिर भी तेरे द्वार से माता खाली कोई ना जाए॥

जय अम्बे जगदम्बे माता, जय अम्बे।
पौना वालिए, ज्योता वालिए, नी मैं आई तेरे द्वारे॥

तेरी मर्जी से चलता है जग संसार यह सारा,
पाप का भागी बनता है फिर क्यूँ इंसान बेचारा।
मूर्ख गायनी और लुटेरे, सब हैं खेल खिलोने तेरे,
किस को छोड़े किस को घेरे तेरे हैं रंग नयारे॥

गूंग रही हूँ दिल के टुकड़े, माथे का सिंधूर,
कौन करे ए माता मेरे कष्ट तेरे बिन दूर।
दुखिओं के वर्लाप भी देखे, धनिओं के परताप भी देखे,
दुनिया के पाप भी देखे, तू मेले बिछड़े सहारे॥

भक्त जानो की बीड़ भी है और फिरते हैं दरबार,
आगे बड़ कर कैसे ले लूँ माता का वरदान।
सब की विपता हरने वाली, सब पर कृपा करने वाली,
सब की झोली भरने वाली, मुझ को भी रास्ता दिखादे॥

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