Shri Hanuman Ji Ke Bhajan
वह शक्ति और ऊर्जा का प्रतीक है। राम के प्रति उनकी अटूट भक्ति के लिए हनुमान की पूजा की जाती है और उन्हें भगवान के प्रति उनके निस्वार्थ समर्पण के लिए याद किया जाता है। हनुमान को कर्मयोगी का जीवित अवतार माना जाता है (जिसका ध्यान और भक्ति कड़ी मेहनत या सेवा के माध्यम से प्रदर्शित होती है)। पवनपुत्र हनुमान भगवान शिव के अवतार थे और उन्हें शक्ति, भक्ति और दृढ़ता का एक उदाहरण माना जाता है। अंजना, भगवान ब्रह्मा के आकाशीय महल के दरबार में एक सुंदर अप्सरा को एक ऋषि ने शाप दिया था कि, जिस क्षण उसे प्यार हो जाएगा उसका चेहरा बंदर के रूप में बदल जाएगा। अपने घर के प्रवेश द्वार पर पंचमुखी हनुमान की तस्वीर लगाना आदर्श है। घर की दक्षिण दिशा में हनुमान जी का चित्र या चित्र लगाना लाभकारी माना जाता है।
Top 10 Hanuman Ji Ke Bhajan Lyrics
1. Shri Hanuman Chalisa श्री हनुमान चालीसा Bhajan Lyrics
Singer – Hariharan
॥ दोहा॥
श्रीगुरु चरन सरोज रज
निज मनु मुकुरु सुधारि ।
बरनउँ रघुबर बिमल जसु
जो दायकु फल चारि ॥
बुद्धिहीन तनु जानिके
सुमिरौं पवन-कुमार ।
बल बुधि बिद्या देहु मोहिं
हरहु कलेस बिकार ॥
॥ चौपाई ॥
जय हनुमान ज्ञान गुन सागर ।
जय कपीस तिहुँ लोक उजागर ॥
राम दूत अतुलित बल धामा ।
अंजनि पुत्र पवनसुत नामा ॥
महाबीर बिक्रम बजरंगी ।
कुमति निवार सुमति के संगी ॥
कंचन बरन बिराज सुबेसा ।
कानन कुण्डल कुँचित केसा ॥४
हाथ बज्र अरु ध्वजा बिराजै ।
काँधे मूँज जनेउ साजै ॥
शंकर सुवन केसरी नंदन ।
तेज प्रताप महा जगवंदन ॥
बिद्यावान गुनी अति चातुर ।
राम काज करिबे को आतुर ॥
प्रभु चरित्र सुनिबे को रसिया ।
राम लखन सीता मन बसिया ॥८
सूक्ष्म रूप धरि सियहिं दिखावा ।
बिकट रूप धरि लंक जरावा ॥
भीम रूप धरि असुर सँहारे ।
रामचन्द्र के काज सँवारे ॥
लाय सजीवन लखन जियाए ।
श्री रघुबीर हरषि उर लाये ॥
रघुपति कीन्ही बहुत बड़ाई ।
तुम मम प्रिय भरतहि सम भाई ॥१२
सहस बदन तुम्हरो जस गावैं ।
अस कहि श्रीपति कण्ठ लगावैं ॥
सनकादिक ब्रह्मादि मुनीसा ।
नारद सारद सहित अहीसा ॥
जम कुबेर दिगपाल जहाँ ते ।
कबि कोबिद कहि सके कहाँ ते ॥
तुम उपकार सुग्रीवहिं कीह्ना ।
राम मिलाय राज पद दीह्ना ॥१६
तुम्हरो मंत्र बिभीषण माना ।
लंकेश्वर भए सब जग जाना ॥
जुग सहस्त्र जोजन पर भानु ।
लील्यो ताहि मधुर फल जानू ॥
प्रभु मुद्रिका मेलि मुख माहीं ।
जलधि लाँघि गये अचरज नाहीं ॥
दुर्गम काज जगत के जेते ।
सुगम अनुग्रह तुम्हरे तेते ॥२०
राम दुआरे तुम रखवारे ।
होत न आज्ञा बिनु पैसारे ॥
सब सुख लहै तुम्हारी सरना ।
तुम रक्षक काहू को डरना ॥
आपन तेज सम्हारो आपै ।
तीनों लोक हाँक तै काँपै ॥
भूत पिशाच निकट नहिं आवै ।
महावीर जब नाम सुनावै ॥२४
नासै रोग हरै सब पीरा ।
जपत निरंतर हनुमत बीरा ॥
संकट तै हनुमान छुडावै ।
मन क्रम बचन ध्यान जो लावै ॥
सब पर राम तपस्वी राजा ।
तिनके काज सकल तुम साजा ॥
और मनोरथ जो कोई लावै ।
सोई अमित जीवन फल पावै ॥२८
चारों जुग परताप तुम्हारा ।
है परसिद्ध जगत उजियारा ॥
साधु सन्त के तुम रखवारे ।
असुर निकंदन राम दुलारे ॥
अष्ट सिद्धि नौ निधि के दाता ।
अस बर दीन जानकी माता ॥
राम रसायन तुम्हरे पासा ।
सदा रहो रघुपति के दासा ॥३२
तुम्हरे भजन राम को पावै ।
जनम जनम के दुख बिसरावै ॥
अंतकाल रघुवरपुर जाई ।
जहाँ जन्म हरिभक्त कहाई ॥
और देवता चित्त ना धरई ।
हनुमत सेइ सर्ब सुख करई ॥
संकट कटै मिटै सब पीरा ।
जो सुमिरै हनुमत बलबीरा ॥३६
जै जै जै हनुमान गोसाईं ।
कृपा करहु गुरुदेव की नाईं ॥
जो सत बार पाठ कर कोई ।
छूटहि बंदि महा सुख होई ॥
जो यह पढ़ै हनुमान चालीसा ।
होय सिद्धि साखी गौरीसा ॥
तुलसीदास सदा हरि चेरा ।
कीजै नाथ हृदय मह डेरा ॥४०
॥ दोहा ॥
पवन तनय संकट हरन,
मंगल मूरति रूप ।
राम लखन सीता सहित,
हृदय बसहु सुर भूप ॥
2. Sankat Mochan Hanuman Ashtak संकटमोचन हनुमान अष्टक Bhajan Lyrics
Singer – Hariharan
बाल समय रवि भक्षी लियो तब,
तीनहुं लोक भयो अंधियारों।
ताहि सों त्रास भयो जग को,
यह संकट काहु सों जात न टारो।
देवन आनि करी बिनती तब,
छाड़ी दियो रवि कष्ट निवारो।
को नहीं जानत है जग में कपि,
संकटमोचन नाम तिहारो ॥ १ ॥
बालि की त्रास कपीस बसैं गिरि,
जात महाप्रभु पंथ निहारो।
चौंकि महामुनि साप दियो तब,
चाहिए कौन बिचार बिचारो।
कैद्विज रूप लिवाय महाप्रभु,
सो तुम दास के सोक निवारो ॥ २ ॥
अंगद के संग लेन गए सिय,
खोज कपीस यह बैन उचारो।
जीवत ना बचिहौ हम सो जु,
बिना सुधि लाये इहाँ पगु धारो।
हेरी थके तट सिन्धु सबे तब,
लाए सिया-सुधि प्राण उबारो ॥ ३ ॥
रावण त्रास दई सिय को सब,
राक्षसी सों कही सोक निवारो।
ताहि समय हनुमान महाप्रभु,
जाए महा रजनीचर मरो।
चाहत सीय असोक सों आगि सु,
दै प्रभुमुद्रिका सोक निवारो ॥ ४ ॥
बान लाग्यो उर लछिमन के तब,
प्राण तजे सूत रावन मारो।
लै गृह बैद्य सुषेन समेत,
तबै गिरि द्रोण सु बीर उपारो।
आनि सजीवन हाथ दिए तब,
लछिमन के तुम प्रान उबारो ॥ ५ ॥
रावन जुध अजान कियो तब,
नाग कि फाँस सबै सिर डारो।
श्रीरघुनाथ समेत सबै दल,
मोह भयो यह संकट भारो I
आनि खगेस तबै हनुमान जु,
बंधन काटि सुत्रास निवारो ॥ ६ ॥
बंधू समेत जबै अहिरावन,
लै रघुनाथ पताल सिधारो।
देबिन्हीं पूजि भलि विधि सों बलि,
देउ सबै मिलि मन्त्र विचारो।
जाये सहाए भयो तब ही,
अहिरावन सैन्य समेत संहारो ॥ ७ ॥
काज किये बड़ देवन के तुम,
बीर महाप्रभु देखि बिचारो।
कौन सो संकट मोर गरीब को,
जो तुमसे नहिं जात है टारो।
बेगि हरो हनुमान महाप्रभु,
जो कछु संकट होए हमारो ॥ ८ ॥
॥ दोहा ॥
लाल देह लाली लसे,
अरु धरि लाल लंगूर।
वज्र देह दानव दलन,
जय जय जय कपि सूर ॥
3. Hey Dukh Bhanjan Maruti Nandan हे दुःख भंजन मारुती नंदन Bhajan Lyrics
Singer – Rakesh Kala
हे दुःख भंजन मारुती नंदन
सुनलो मेरी पुकार
पवनसुत विनती बारम्बार
पवनसुत विनती बारम्बार
(हे दुःख भंजन मारुती नंदन
सुनलो मेरी पुकार
पवनसुत विनती बारम्बार
पवनसुत विनती बारम्बार)
अष्ट सिद्धि नव निधि के दाता
अष्ट सिद्धि नव निधि के दाता
दुखियों के तुम भाग्यविधाता
दुखियों के तुम भाग्यविधाता
(सियाराम के काज संवारे)
सियाराम के काज संवारे
मेरा कर उद्धार
पवनसुत विनती बारम्बार
पवनसुत विनती बारम्बार
(हे दुःख भंजन मारुती नंदन
सुनलो मेरी पुकार
पवानसुत विनती बारम्बार
पवानसुत विनती बारम्बार)
अपरंपार है शक्ति तुम्हारी
अपरंपार है शक्ति तुम्हारी
तुम पर रीझे अवधबिहारी
तुम पर रीझे अवधबिहारी
(भक्ति भाव से ध्याऊँ तोहे)
भक्ति भाव से ध्याऊँ तोहे
कर दुखों से पार
पवनसुत विनती बारम्बार
पवनसुत विनती बारम्बार
(हे दुःख भंजन मारुती नंदन
सुनलो मेरी पुकार
पवनसुत विनती बारम्बार
पवनसुत विनती बारम्बार)
जपूँ निरंतर नाम तिहारा
जपूँ निरंतर नाम तिहारा
अब नहीं छोडूं तेरा द्वारा
अब नहीं छोडूं तेरा द्वारा
(राम भक्त मोहे शरण में लीजै)
राम भक्त मोहे शरण में लीजै
भव सागर के तार
पवनसुत विनती बारम्बार
पवनसुत विनती बारम्बार
(हे दुःख भंजन मारुती नंदन
सुनलो मेरी पुकार
पवनसुत विनती बारम्बार
पवनसुत विनती बारम्बार) x 2
4. Jai Jai Jai Hanuman Gosai जय जय जय हनुमान गोसाई Bhajan Lyrics
Singer – Hariharan
जय जय जय हनुमान गोसाई,
कृपा करो महाराज ।
बेगी हरो हनुमान महाप्रभु,
जो कछु संकट होय हमारो,
कौन सो संकट मोर गरीब को,
जो तुम से नहीं जात है टारो ।
जय जय जय हनुमान गोसाई,
कृपा करो महाराज,
जय जय जय हनुमान गोसाई,
कृपा करो महाराज ।
तन में तुम्हरे शक्ति विराजे,
मन भक्ति से भीना,
जो जन तुम्हरी शरण में आये,
जो जन तुम्हरी शरण में आये,
दुःख दरद हर लीना हनुमत,
दुःख दरद हर लीना,
महावीर प्रभु हम दुखियन के,
तुम हो गरीब निवाज हनुमत,
तुम हो गरीब निवाज,
जय जय जय हनुमान गोसाई,
कृपा करो महाराज ।
राम लखन वैदेही तुम पर,
सदा रहे हर्षाये,
हृदय चीर के राम सिया का,
हृदय चीर के राम सिया का,
दर्शन दिया कराए हनुमत,
दर्शन दिया कराए,
दोऊ कर जोड़ अरज हनुमंता,
कहियो प्रभु से आज हनुमत,
कहियो प्रबु से आज,
जय जय जय हनुमान गोसाई,
कृपा करो महाराज ।
राम भजन के तुम हो रसिया,
जाने दुनिया सारी,
वंदन करते तेरा हनुमत,
वंदन करते तेरा हनुमत,
इस जग के नर नारी,
इस जग के नर नारी,
राम नाम जप के हनुमंता,
बने भक्त सरताज हनुमत,
बने भक्त सरताज ।
जय जय जय हनुमान गोसाई,
कृपा करो महाराज,
जय जय जय हनुमान गोसाई,
कृपा करो महाराज ।
5. Aarti Kije Hanuman Lala Ki आरती कीजे हनुमान लला की Bhajan Lyrics
Singer – Hariharan
आरती कीजे हनुमान लला की,
दुष्ट दलन रघुनाथ कला की ।
जाके बल से गिरवर काँपे,
रोग दोष जाके निकट न झाँके,
अंजनि पुत्र महा बलदाई,
संतन के प्रभु सदा सहाई,
आरती कीजे हनुमान लला की ।
दे वीरा रघुनाथ पठाए,
लंका जारि सिया सुधि लाये,
लंका सो कोट समुद्र सी खाई,
जात पवनसुत बार न लाई,
आरती कीजे हनुमान लला की ।
लंका जारि असुर संहारे,
सियाराम जी के काज सँवारे,
लक्ष्मण मुर्छित पड़े सकारे,
लाये संजिवन प्राण उबारे,
आरती कीजे हनुमान लला की ।
पैठि पताल तोरि जमकारे,
अहिरावण की भुजा उखारे,
बाईं भुजा असुर दल मारे,
दाहिने भुजा संतजन तारे,
आरती कीजै हनुमान लला की ।
सुर नर मुनि जन आरती उतरें,
जय जय जय हनुमान उचारें,
कंचन थार कपूर लौ छाई,
आरती करत अंजना माई,
आरती कीजै हनुमान लला की ।
जो हनुमानजी की आरती गावे,
बसहिं बैकुंठ परम पद पावे,
लंक विध्वंस किये रघुराई,
तुलसीदास स्वामी कीर्ति गाई ।
आरती कीजै हनुमान लला की,
दुष्ट दलन रघुनाथ कला की ।
6. Shri Hanuman Stawan श्री हनुमान स्तवन Bhajan Lyrics
Singer – Hariharan
प्रनवउँ पवनकुमार खल बन पावक ज्ञानघन ।
जासु हृदय आगार बसहिं राम सर चाप धर ॥१॥
अतुलितबलधामं हेमशैलाभदेहम् ।
दनुजवनकृशानुं ज्ञानिनामग्रगण्यम् ॥२॥
सकलगुणनिधानं वानराणामधीशम् ।
रघुपतिप्रियभक्तं वातजातं नमामि ॥३॥
श्रीहनुमन्नमस्कारः –
गोष्पदी-कृत-वारीशं मशकी-कृत-राक्षसम् ।
रामायण-महामाला-रत्नं वन्देऽनिलात्मजम् ॥ १॥
अञ्जना-नन्दनं-वीरं जानकी-शोक-नाशनम् ।
कपीशमक्ष-हन्तारं वन्दे लङ्का-भयङ्करम् ॥ २॥
महा-व्याकरणाम्भोधि-मन्थ-मानस-मन्दरम् ।
कवयन्तं राम-कीर्त्या हनुमन्तमुपास्महे ॥ ३॥
उल्लङ्घ्य सिन्धोः सलिलं सलीलं
यः शोक-वह्निं जनकात्मजायाः ।
आदाय तेनैव ददाह लङ्कां
नमामि तं प्राञ्जलिराञ्जनेयम् ॥ ४॥
मनोजवं मारुत-तुल्य-वेगं
जितेन्द्रियं बुद्धिमतां वरिष्ठम् ।
वातात्मजं वानर-यूथ-मुख्यं
श्रीराम-दूतं शिरसा नमामि ॥ ५॥
आञ्जनेयमतिपाटलाननं
काञ्चनाद्रि-कमनीय-विग्रहम् ।
पारिजात-तरु-मूल-वासिनं
भावयामि पवमान-नन्दनम् ॥ ६॥
यत्र यत्र रघुनाथ-कीर्तनं
तत्र तत्र कृत-मस्तकाञ्जलिम् ।
बाष्प-वारि-परिपूर्ण-लोचनं
मारुतिर्नमत राक्षसान्तकम् ॥ ७॥
7. Jhanda Bajrang Bali Ka झंडा बजरंग बली का Bhajan Lyrics
Singer – Lakhbir Singh Lakha
लहर लहर लहराए रे,
झंडा बजरंग बली का,
लहर लहर लहराए रै,
झंडा बजरंग बली का,
बजरंग बली का,
झंडा बजरंग बली का,
लहर लहर लहराए रे,
झंडा बजरंग बली का।
लहर लहर झंडा खाटूश्याम पहुँचा,
कीर्तन की शोभा बढ़ाये रे,
झंडा बजरंग बली का,
लहर लहर लहराए रे,
झंडा बजरंग बली का।
लहर लहर झंडा मेहंदीपुर से पहुँचा,
भक्तों के कष्ट मिटाये रे,
झंडा बजरंग बली का,
लहर लहर लहराए रे,
झंडा बजरंग बली का।
लहर लहर झंडा सालासर से पहुँचा,
‘शुभम’ की बिगड़ी बनाये रे,
झंडा बजरंग बली का,
लहर लहर लहराए रे,
झंडा बजरंग बली का,
लहर लहर लहराए रे,
झंडा बजरंग बली का………
8. Khush Honge Hanuman Ram Ram Kiye Ja खुश होंगे हनुमान राम राम किए जा Bhajan Lyrics
Singer – Lakhbir Singh Lakha
सुबह शाम आठो याम यहीं नाम लिए जा
खुश होंगे हनुमान राम राम किए जा
लिखा था राम नाम वो, तो पत्थर भी तर गए
किए राम से जो बैर, जीते जी वो मर गए
बस नाम का रसपान, ए इंसान किए जा
खुश होंगे हनुमान राम राम किए जा
राम नाम की धुन पे नाचे हो कर के मतवाला
बजरंगी सा इस दुनिया में कोई ना देखा भाला
जो भी हनुमत में दर पे आता, उसका संकट ताला
मुख में राम, तन में राम, जापे राम राम की माला
जहाँ राम का कीर्तन वही हनुमान जति हो
गोदी मे गणपति को लें शिव पार्वती हो
सियाराम की कृपा से सौ साल जिए जा
खुश होंगे हनुमान राम राम किए जा
जिसपे दया श्री राम की, बाका न बाल हो
उसका सहाय ‘लक्खा’ अंजनी का लाल हो
‘राजपाल’ तू हर हाल में जैकार किए जा
खुश होंगे हनुमान राम राम किए जा
9. Hey Mahaveer Karo Kalyan हे महावीर करो कल्याण Bhajan Lyrics
मंगल मूर्ति राम दुलारे,
आन पड़ा अब तेरे द्वारे,
हे बजरंगबली हनुमान,
हे महावीर करो कल्याण,
हे महावीर करो कल्याण ।
तीनो लोक तेरा उजियारा,
दुखियों का तूने काज संवारा,
तीनो लोक तेरा उजियारा,
दुखियों का तूने काज संवारा,
हे जगवंदन केसरी नंदन,
हे जगवंदन केसरी नंदन,
कष्ट हरो हे कृपा निधान,
कष्ट हरो हे कृपा निधान ।
मंगल मूर्ति राम दुलारे,
आन पड़ा अब तेरे द्वारे,
हे बजरंगबली हनुमान,
हे महावीर करो कल्याण,
हे महावीर करो कल्याण ।
तेरे द्वारे जो भी आया,
खाली नहीं कोई लौटाया,
तेरे द्वारे जो भी आया,
खाली नहीं कोई लौटाया,
दुर्गम काज बनावन हारे,
दुर्गम काज बनावन हारे,
मंगलमय दीजो वरदान,
मंगलमय दीजो वरदान ।
मंगल मूर्ति राम दुलारे,
आन पड़ा अब तेरे द्वारे,
हे बजरंगबली हनुमान,
हे महावीर करो कल्याण,
हे महावीर करो कल्याण ।
तेरा सुमिरन हनुमत वीरा,
नासे रोग हरे सब पीरा,
तेरा सुमिरन हनुमत वीरा,
नासे रोग हरे सब पीरा,
राम लखन सीता मन बसिया,
राम लखन सीता मन बसिया,
शरण पड़े का कीजै ध्यान,
शरण पड़े का कीजै ध्यान ।
मंगल मूर्ति राम दुलारे,
आन पड़ा अब तेरे द्वारे,
हे बजरंगबली हनुमान,
हे महावीर करो कल्याण,
हे महावीर करो कल्याण ।
करो कल्याण, करो कल्याण..
10. Leke Snajeevani Sankat Ko Mitaane Aaja लेके संजीवनी संकट को मिटाने आजे Bhajan Lyrics
Singer – Devender Pathak Ji Maharaj
लेके संजीवनी संकट को मिटाने आजा,
वीर बजरंगी लखन भैया को बचाने आजा
देर हो जाये गी तो प्राण निकल जायेगे,
माँ सुमिरता को कौन मुँह दिखाए गए ,
सब कहे गे की यहाँ राम ने नादानी की,
अपनी पत्नी के लिए भाई की क़ुरबानी दी,
आपने इस राम को आप यश से बचाने आजा,
मेरे बजरंगी लखन भैया को बचाने आजा,
दुःख में नल नील याम्वन्त और सुग्रीव याहा,
मेरे हनुमंत तुमने करदी इतनी देर कहा,
पुरे ब्रह्माण्ड में न ऐसा कोई शोक हुआ,
की जिसकी आह आहात ये तीनो लोक हुआ,
गीत अब अंजू का देवेंदर सुनाने आजा,
मेरे बजरंगी लखन भैया को बचाने आजा
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